आर्य चेतना

आर्य चेतना क्या है?

आर्य चेतना एक कानूनी रूप से स्थापित सामाजिक–शैक्षिक ट्रस्ट है,
जो भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 (Indian Trust Act, 1882) के अंतर्गत पंजीकृत है।

आर्य चेतना कोई व्यक्तिगत ब्लॉग, निजी मंच या केवल डिजिटल प्रोजेक्ट नहीं है,
बल्कि एक Public Charitable Trust है, जिसका उद्देश्य समाज में वैचारिक, शैक्षिक और नैतिक जागरण को प्रोत्साहित करना है।

यह ट्रस्ट भारतीय समाज को उसके वैदिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुधारात्मक चेतना से जोड़ने के लिए कार्यरत है।

आर्य चेतना के मुख्य उद्देश्य

1. समाज में उपस्थित कुरीतियों का उन्मूलन

आर्य चेतना समाज में व्याप्त अंधविश्वास, रूढ़ियों और वैचारिक विकृतियों को दूर करने के लिए कार्य करती है।
इसका उद्देश्य तर्क, ज्ञान और सत्य पर आधारित सामाजिक दृष्टि को प्रोत्साहित करना है।

2. नारी शिक्षा का प्रोत्साहन

आर्य चेतना नारी शिक्षा को सामाजिक कर्तव्य मानती है।
ट्रस्ट का उद्देश्य स्त्रियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे समाज में समान और सशक्त भूमिका निभा सकें।

3. वेदों के अध्ययन और अध्यापन को बढ़ावा

आर्य चेतना वेदों के अध्ययन, शिक्षण और प्रचार को प्रोत्साहित करती है।
यह कार्य वेदों की प्रामाणिक व्याख्या के माध्यम से किया जाता है, न कि विकृत या अप्रामाणिक रूपों द्वारा।

4. आर्य समाज के मूल विचारों का प्रसार

आर्य चेतना का उद्देश्य सत्य, धर्म, कर्म, शिक्षा और समाज-सुधार की भावना को जन-जन तक पहुँचाना है।
यह ट्रस्ट आर्य समाज की मूल वैचारिक चेतना को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करता है।

आर्य चेतना और आर्यपीडिया

आर्यपीडिया आर्य चेतना ट्रस्ट का शैक्षिक और वैचारिक ज्ञानकोश है।

इसके माध्यम से वैदिक ज्ञान, सामाजिक विचार और विचारात्मक लेख प्रस्तुत किए जाते हैं तथा स्वस्थ चर्चा को प्रोत्साहित किया जाता है।